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  • टाटा और महिंद्रा की नई गाड़ियों से बढ़ेगा कॉम्पैक्ट SUV सेगमेंट में मुकाबला, मिलेंगे एडवांस फीचर्स

    टाटा और महिंद्रा की नई गाड़ियों से बढ़ेगा कॉम्पैक्ट SUV सेगमेंट में मुकाबला, मिलेंगे एडवांस फीचर्स

    टाटा और महिंद्रा जल्द ही सबकॉम्पैक्ट SUV सेगमेंट में नई गाड़ियां लॉन्च कर सकती हैं. टाटा स्कारलेट में टर्बो पेट्रोल इंजन और रग्ड डिजाइन मिलेगा, जबकि महिंद्रा विजन S बॉक्सी स्टाइल और दमदार डीजल इंजन के साथ आ सकती है.

    टाटा और महिंद्रा की नई गाड़ियों से बढ़ेगा कॉम्पैक्ट SUV सेगमेंट में मुकाबला, मिलेंगे एडवांस फीचर्स

    अगर आप अपने लिए 4 मीटर से कम लंबाई वाली एसयूवी खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं तो कुछ समय का और इंतजार कर लिजिए क्योंकि कई नए मॉडल जल्द ही मार्केट में आने वाली है. भारत की वाहन निर्माता कंपनी टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा, जिनके पास पहले से ही इस कैटेगरी में गाड़ियां पेश करते हैं और कंपनियां लगभग 2027 में नई रग्ड सबकॉम्पैक्ट एसयूवी पेश करने जा रही हैं. चलिए आपको बताते हैं इन गाड़ियों में आपको क्या कुछ देखने को मिल सकता है.

    टाटा स्कारलेट

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, टाटा स्कारलेट मोनोकोक चेसिस पर बेस्ड होगी और सिएरा की तरह ही इसकी सीधी डिज़ाइन होने की उम्मीद है. वाहन निर्माता कंपनी इस सबकॉम्पैक्ट एसयूवी के लिए नेक्सन के 120 बीएचपी, 1.2 लीटर टर्बो और कर्वी के 125 बीएचपी, 1.2 लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन का इस्तेमाल कर सकती है. सिएरा का 1.5 लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड इंजन भी इसमें शामिल हो सकता है.

    आने वाली स्कारलेट एसयूवी में कई फीचर्स दिए जा सकते हैं; हालांकि, आखिरी लिस्ट इसकी बाजार स्थिति पर निर्भर करेगी. इसे महिंद्रा थार और मारुति जिम्नी को टक्कर देने वाली एक दमदार लाइफस्टाइल एसयूवी के रूप में पेश किए जाने की संभावना है.

    महिंद्रा विजन एस

    महिंद्रा विजन एस कॉन्सेप्ट पर बेस्ड सबकॉम्पैक्ट एसयूवी के स्कॉर्पियो परिवार में शामिल होने की उम्मीद है. प्रोडक्शन के लिए तैयार मॉडल कॉन्सेप्ट के काफी करीब होगा, जिसमें बॉक्सी और सीधा स्टांस होगा. हालांकि, कॉन्सेप्ट में दिख रहे एडवेंचर एक्सेसरीज को या तो हटाया जा सकता है या वैकल्पिक एक्सेसरीज के रूप में पेश किया जा सकता है.

    इसके एक टेस्ट मॉडल को एक पारंपरिक एनालॉग इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, छोटे मिड-रेंज इंडिकेटर, फैब्रिक सीट अपहोल्स्ट्री और मैन्युअल रूप से एडजस्ट होने वाले एसी डायल के साथ देखा गया, जिससे संकेत मिलता है कि ये लोअर या मिड-स्पेक वेरिएंट हो सकता है. हालांकि, हायर ट्रिम्स में पैनोरमिक सनरूफ हो सकता है. इंजन सेटअप महिंद्रा XUV 3XO से लिया जाने की उम्मीद है, जो 1.5 लीटर, 4-सिलेंडर डीजल इंजन के साथ आती है. XUV 3XO में यह इंजन 117bhp की अधिकतम पावर और 300Nm का टॉर्क जनरेट करता है.

  • एक साथ 3 नई SUVs लाने की तैयारी में Mercedes-Benz, टीजर ने बढ़ाई एक्साइटमेंट

    एक साथ 3 नई SUVs लाने की तैयारी में Mercedes-Benz, टीजर ने बढ़ाई एक्साइटमेंट

    मर्सिडीज-बेंज ने GLE, GLE Coupe और GLS के अपडेटेड वर्जन का टीजर जारी किया है. इन SUVs में नया डिजाइन, एडवांस MBUX सिस्टम, माइल्ड-हाइब्रिड इंजन और बेहतर ड्राइवर असिस्टेंस फीचर्स मिलेंगे.2026 में लॉन्च होने वाली ये लग्जरी SUVs बेहतर कंफर्ट, टेक्नोलॉजी और सेफ्टी के साथ BMW और Audi को टक्कर देंगी.

    एक साथ 3 नई SUVs लाने की तैयारी में Mercedes-Benz, टीजर ने बढ़ाई एक्साइटमेंट

    मर्सिडीज-बेंज ने अपनी तीन आने वाली एसयूवी का टीज़र जारी किया है, जिनके लोकप्रिय जीएलई, जीएलई कूप और जीएलएस मॉडलों के अपडेटेड वेरिएंट होने की उम्मीद है. ये टीजर आधिकारिक लॉन्च से पहले अपनी लग्जरी एसयूवी लाइनअप को अपडेट करने में ब्रांड के निरंतर निवेश का संकेत देती है.

    GLE और GLE कूपे के फेसलिफ्ट में बेहतर बाहरी डिजाइन देखने को मिल सकते हैं, जिनमें नए LED हेडलाइट्स और टेललाइट्स शामिल हैं, जो बेहतर लुक और विजिबिलिटी प्रदान करते हैं. इंटीरियर अपग्रेड में एडवांस्ड वॉयस कंट्रोल और बड़े डिस्प्ले के साथ लेटेस्ट MBUX इंफोटेनमेंट सिस्टम शामिल होने की संभावना है. पेट्रोल, डीजल और प्लग-इन हाइब्रिड वेरिएंट में माइल्ड-हाइब्रिड असिस्टेंस भी दिया जा सकता है.

    कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं

    मर्सिडीज-बेंज की फ्लैगशिप फुल-साइज एसयूवी, जीएलएस में भी इसी तरह के बदलाव देखने को मिलेंगे, जिनमें लग्जरी और स्पेस एफिशिएंसी पर खास ध्यान दिया गया है. एडैप्टिव एयर सस्पेंशन में सुधार और बेहतर नॉइज इंसुलेशन के ज़रिए राइड कम्फर्ट में बढ़ोतरी की उम्मीद है. इंजन ऑप्शन लगभग जीएलई के समान ही होंगे, जिसमें टॉप ट्रिम्स में वी8 इंजन के साथ माइल्ड-हाइब्रिड तकनीक दी जाएगी, जिससे हाईवे पर आरामदायक ड्राइविंग का एक्सपीरियंस मिलेगा.

    तीनों एसयूवी में बेहतर ऑटोनॉमस इमरजेंसी ब्रेकिंग

    तीनों एसयूवी में बेहतर ऑटोनॉमस इमरजेंसी ब्रेकिंग और लेन-कीपिंग एड्स जैसे नेक्सट जनरेशन के ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम शामिल होंगे, जो सुरक्षा को प्राथमिकता देते हैं. कनेक्टिविटी में सुधार के तहत ओवर-द-एयर अपडेट और ऑगमेंटेड रियलिटी नेविगेशन जैसी सुविधाएं दी गई हैं. भारत जैसे बाजारों में, ये फेसलिफ्ट प्रीमियम सामग्री और कस्टमाइजेबल विकल्पों पर जोर देकर बीएमडब्ल्यू और ऑडी को टक्कर देना है.

    कंपनी का प्लान

    मर्सिडीज-बेंज की प्लानिंग 2026 में कई नए वाहन लॉन्च करने की है, जिनमें से ये एसयूवी लगभग साल के मध्य तक वैश्विक स्तर पर उपलब्ध हो जाएंगी. भारत में भी इनकी लॉन्चिंग इसके तुरंत बाद हो सकती है, बशर्ते इन्हें मंजूरी मिल जाए. बेस जीएलई वेरिएंट की एक्स-शोरूम कीमत 1 करोड़ रुपये से अधिक होगी, जो इन्हें लग्जरी कार खरीदारों के लिए एक आकर्षक ऑप्शन के रूप में स्थापित करेगी.

  • एक साथ 3 नई SUVs लाने की तैयारी में Mercedes-Benz, टीजर ने बढ़ाई एक्साइटमेंट

    एक साथ 3 नई SUVs लाने की तैयारी में Mercedes-Benz, टीजर ने बढ़ाई एक्साइटमेंट

    मर्सिडीज-बेंज ने GLE, GLE Coupe और GLS के अपडेटेड वर्जन का टीजर जारी किया है. इन SUVs में नया डिजाइन, एडवांस MBUX सिस्टम, माइल्ड-हाइब्रिड इंजन और बेहतर ड्राइवर असिस्टेंस फीचर्स मिलेंगे.2026 में लॉन्च होने वाली ये लग्जरी SUVs बेहतर कंफर्ट, टेक्नोलॉजी और सेफ्टी के साथ BMW और Audi को टक्कर देंगी.

    एक साथ 3 नई SUVs लाने की तैयारी में Mercedes-Benz, टीजर ने बढ़ाई एक्साइटमेंट

    मर्सिडीज-बेंज ने अपनी तीन आने वाली एसयूवी का टीज़र जारी किया है, जिनके लोकप्रिय जीएलई, जीएलई कूप और जीएलएस मॉडलों के अपडेटेड वेरिएंट होने की उम्मीद है. ये टीजर आधिकारिक लॉन्च से पहले अपनी लग्जरी एसयूवी लाइनअप को अपडेट करने में ब्रांड के निरंतर निवेश का संकेत देती है.

    GLE और GLE कूपे के फेसलिफ्ट में बेहतर बाहरी डिजाइन देखने को मिल सकते हैं, जिनमें नए LED हेडलाइट्स और टेललाइट्स शामिल हैं, जो बेहतर लुक और विजिबिलिटी प्रदान करते हैं. इंटीरियर अपग्रेड में एडवांस्ड वॉयस कंट्रोल और बड़े डिस्प्ले के साथ लेटेस्ट MBUX इंफोटेनमेंट सिस्टम शामिल होने की संभावना है. पेट्रोल, डीजल और प्लग-इन हाइब्रिड वेरिएंट में माइल्ड-हाइब्रिड असिस्टेंस भी दिया जा सकता है.

    कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं

    मर्सिडीज-बेंज की फ्लैगशिप फुल-साइज एसयूवी, जीएलएस में भी इसी तरह के बदलाव देखने को मिलेंगे, जिनमें लग्जरी और स्पेस एफिशिएंसी पर खास ध्यान दिया गया है. एडैप्टिव एयर सस्पेंशन में सुधार और बेहतर नॉइज इंसुलेशन के ज़रिए राइड कम्फर्ट में बढ़ोतरी की उम्मीद है. इंजन ऑप्शन लगभग जीएलई के समान ही होंगे, जिसमें टॉप ट्रिम्स में वी8 इंजन के साथ माइल्ड-हाइब्रिड तकनीक दी जाएगी, जिससे हाईवे पर आरामदायक ड्राइविंग का एक्सपीरियंस मिलेगा.

    तीनों एसयूवी में बेहतर ऑटोनॉमस इमरजेंसी ब्रेकिंग

    तीनों एसयूवी में बेहतर ऑटोनॉमस इमरजेंसी ब्रेकिंग और लेन-कीपिंग एड्स जैसे नेक्सट जनरेशन के ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम शामिल होंगे, जो सुरक्षा को प्राथमिकता देते हैं. कनेक्टिविटी में सुधार के तहत ओवर-द-एयर अपडेट और ऑगमेंटेड रियलिटी नेविगेशन जैसी सुविधाएं दी गई हैं. भारत जैसे बाजारों में, ये फेसलिफ्ट प्रीमियम सामग्री और कस्टमाइजेबल विकल्पों पर जोर देकर बीएमडब्ल्यू और ऑडी को टक्कर देना है.

    कंपनी का प्लान

    मर्सिडीज-बेंज की प्लानिंग 2026 में कई नए वाहन लॉन्च करने की है, जिनमें से ये एसयूवी लगभग साल के मध्य तक वैश्विक स्तर पर उपलब्ध हो जाएंगी. भारत में भी इनकी लॉन्चिंग इसके तुरंत बाद हो सकती है, बशर्ते इन्हें मंजूरी मिल जाए. बेस जीएलई वेरिएंट की एक्स-शोरूम कीमत 1 करोड़ रुपये से अधिक होगी, जो इन्हें लग्जरी कार खरीदारों के लिए एक आकर्षक ऑप्शन के रूप में स्थापित करेगी.

  • कार का USB पोर्ट काम नहीं कर रहा? इन आसान तरीकों से खुद ही करें ठीक

    कार का USB पोर्ट काम नहीं कर रहा? इन आसान तरीकों से खुद ही करें ठीक

    कार का USB पोर्ट खराब होने पर घबराने की जरूरत नहीं है. सबसे पहले केबल चेक करें, क्योंकि अक्सर समस्या उसी में होती है. फ्यूज, फोन की डाटा परमिशन और सॉफ्टवेयर अपडेट भी जांचें. साथ ही पोर्ट में जमा धूल-सफाई करें. इन आसान तरीकों से आप बिना सर्विस सेंटर जाए USB समस्या खुद ठीक कर सकते हैं.

    कार का USB पोर्ट काम नहीं कर रहा? इन आसान तरीकों से खुद ही करें ठीक

    ड्राइविंग के दौरान गाने सुनना, नेविगेशन देखना और फोन चार्ज करना आजकल काफी हद तक कार के USB पोर्ट पर निर्भर हो गया है. ज्यादातर लोग अपने स्मार्टफोन को USB के जरिए कार के इंफोटेनमेंट सिस्टम से कनेक्ट करते हैं, जिससे सफर ज्यादा आसान और मजेदार बन जाता है. लेकिन जब यही USB पोर्ट अचानक काम करना बंद कर दे, तो परेशानी बढ़ जाती है. अच्छी बात येहै कि हर बार सर्विस सेंटर जाने की जरूरत नहीं होती. कुछ आसान टिप्स अपनाकर आप इस समस्या को खुद ही ठीक कर सकते हैं.

    USB केबल की जांच करनी चाहिए

    सबसे पहले आपको USB केबल की जांच करनी चाहिए. कई बार असली समस्या पोर्ट में नहीं, बल्कि केबल में होती है. अगर केबल डैमेज हो गई है या ठीक से काम नहीं कर रही, तो कनेक्शन नहीं बन पाएगा. ऐसे में किसी दूसरी केबल का इस्तेमाल करके देखना सही रहेगा. साथ ही हमेशा अच्छी क्वालिटी या ओरिजिनल केबल का ही इस्तेमाल करें. अगर आपकी कार में एक से ज्यादा USB पोर्ट हैं, तो केबल को दूसरे पोर्ट में लगाकर भी जांच सकते हैं.

    मैकेनिक की मदद लेना बेहतर रहेगा

    अगर USB पोर्ट के साथ कार का रेडियो या अन्य इलेक्ट्रॉनिक फीचर भी काम नहीं कर रहा, तो इसका कारण फ्यूज हो सकता है. फ्यूज खराब होने पर पूरा सिस्टम प्रभावित हो जाता है. आप कार के फ्यूज बॉक्स को खोलकर खराब फ्यूज को पहचान सकते हैं और उसी प्रकार के नए फ्यूज से बदल सकते हैं. हालांकि, अगर इसमें दिक्कत हो तो किसी मैकेनिक की मदद लेना बेहतर रहेगा.

    समस्या फोन की सेटिंग्स से भी जुड़ी होती है

    कई बार समस्या फोन की सेटिंग्स से भी जुड़ी होती है. जब आप फोन को पहली बार कार से कनेक्ट करते हैं, तो डाटा ट्रांसफर की अनुमति देनी होती है. अगर ये परमिशन नहीं दी गई है, तो फोन सिर्फ चार्ज होगा, लेकिन कनेक्ट नहीं होगा. इसलिए फोन की सेटिंग्स में जाकर यह सुनिश्चित करें कि डाटा ट्रांसफर की अनुमति चालू हो.

    सॉफ्टवेयर अपडेट भी जरूरी होता है

    इसके अलावा, सॉफ्टवेयर अपडेट भी बहुत जरूरी होता है. अगर आपका फोन या कार का इंफोटेनमेंट सिस्टम पुराने सॉफ्टवेयर पर चल रहा है, तो कनेक्टिविटी में समस्या आ सकती है. इसलिए दोनों डिवाइस को समय-समय पर अपडेट करते रहना चाहिए.

    USB पोर्ट की सफाई पर भी ध्यान दें

    आखिरी में, USB पोर्ट की सफाई पर भी ध्यान दें. कई बार धूल, मिट्टी या छोटे-छोटे कण पोर्ट के अंदर जमा हो जाते हैं, जिससे कनेक्शन ठीक से नहीं बन पाता. इसे साफ करने के लिए आप कॉटन बड या टूथपिक का सावधानी से इस्तेमाल कर सकते हैं. चाहें तो कंप्रेस्ड एयर से भी पोर्ट को साफ किया जा सकता है.

  • इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदना हुआ सस्ता, सरकार ने बढ़ाई सब्सिडी, जानिए कब तक मिलेगा फायदा

    इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदना हुआ सस्ता, सरकार ने बढ़ाई सब्सिडी, जानिए कब तक मिलेगा फायदा

    केंद्र सरकार ने पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों पर सब्सिडी की अवधि को बढ़ा दी है. अब टू-व्हीलर्स पर 31 जुलाई 2026 और ई-रिक्शा/ई-कार्ट पर 31 मार्च 2028 तक लाभ मिलेगा. सरकार का फोकस खासतौर पर इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स पर है. जिससे बिक्री बढ़ेगी और ग्राहकों को सस्ते में EV खरीदने का मौका मिलेगा.

    इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदना हुआ सस्ता, सरकार ने बढ़ाई सब्सिडी, जानिए कब तक मिलेगा फायदा

    अगर आप इलेक्ट्रिक स्कूटर, बाइक या ई-रिक्शा खरीदने का सोच रहे हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है. केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी की अवधि को आगे बढ़ा दिया है. अब इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर खरीदने वाले लोग 31 जुलाई 2026 तक इस योजना का लाभ उठा सकते हैं. वहीं, ई-रिक्शा और ई-कार्ट के खरीदारों को इससे भी ज्यादा समय दिया गया है उनके लिए सब्सिडी 31 मार्च 2028 तक उपलब्ध रहेगी.सरकार का मकसद है कि ज्यादा से ज्यादा लोग पारंपरिक ईंधन वाले वाहनों की जगह इलेक्ट्रिक विकल्प अपनाएं.

    सरकार ने अपने टारगेट में भी बड़ा बदलाव किया है

    सरकारी आंकड़ों पर नजर डालें तो इस योजना के तहत इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स के लिए करीब 1,772 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया था. इसमें से अब तक लगभग 1,259 करोड़ रुपये सब्सिडी के रूप में वितरित किए जा चुके हैं. दिलचस्प बात ये है कि सरकार ने अपने टारगेट में भी बड़ा बदलाव किया है. पहले जहां 14 लाख यूनिट्स तक सब्सिडी देने का प्लान था, उसे अब बढ़ाकर 24.8 लाख यूनिट्स कर दिया गया है. अभी तक करीब 10 लाख इलेक्ट्रिक स्कूटर और बाइक बाजार में बिक चुके हैं, जो इस सेगमेंट की तेजी को दिखाता है.

    इस सेगमेंट में मांग बढ़ रही है

    इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर सेगमेंट की बात करें तो यहां कंपनियों ने उम्मीद से बेहतर परफॉर्मेंस किया है. इस कैटेगरी में करीब 1.59 लाख वाहनों की बिक्री का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन वास्तविक बिक्री इससे भी आगे निकल चुकी है. इससे साफ है कि इस सेगमेंट में भी मांग बढ़ रही है और ग्राहक तेजी से इलेक्ट्रिक विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं.

    ई-रिक्शा और ई-कार्ट

    हालांकि, ई-रिक्शा और ई-कार्ट के मामले में स्थिति थोड़ी अलग है. इस कैटेगरी में बिक्री उम्मीद के मुताबिक नहीं रही और टारगेट का एक छोटा हिस्सा ही पूरा हो सका है. इसी वजह से सरकार ने इस सेगमेंट के लिए बजट आवंटन में कटौती की है. पहले जहां इसके लिए 192 करोड़ रुपये निर्धारित थे, अब इसे घटाकर करीब 50 करोड़ रुपये कर दिया गया है.

    सरकार का सबसे ज्यादा फोकस ईवी पर

    कुल मिलाकर सरकार का सबसे ज्यादा फोकस इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट पर है, क्योंकि यहीं से सबसे ज्यादा बिक्री हो रही है. सब्सिडी की समय सीमा बढ़ाने से ग्राहकों को सस्ती कीमत पर वाहन खरीदने का मौका मिलेगा. साथ ही, कंपनियों को भी अपने नए मॉडल लॉन्च करने और पुराने स्टॉक को निकालने के लिए अतिरिक्त समय मिल जाएगा.

  • मार्केट से गायब हुई ये पॉपुलर कार अब इलेक्ट्रिक अवतार में लौटेगी, 451Km रेंज के साथ मचाएगी धमाल

    मार्केट से गायब हुई ये पॉपुलर कार अब इलेक्ट्रिक अवतार में लौटेगी, 451Km रेंज के साथ मचाएगी धमाल

    Volkswagen ID Polo EV की प्रोडक्शन-रेडी तस्वीरें सामने आ गई हैं, जो ID.2all कॉन्सेप्ट पर आधारित है. इसमें LED हेडलाइट्स, 13-इंच टचस्क्रीन, डिजिटल डिस्प्ले और रेट्रो थीम मिलती है. MEB+ प्लेटफॉर्म पर बनी ये EV 38kWh और 56kWh बैटरी के साथ 451 किमी तक की रेंज और फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट देती है.

    मार्केट से गायब हुई ये पॉपुलर कार अब इलेक्ट्रिक अवतार में लौटेगी, 451Km रेंज के साथ मचाएगी धमाल

    प्रोडक्शन-रेडी Volkswagen ID Polo EV की साफ तस्वीरें अब ऑनलाइन सामने आ गई हैं, जिससे इसके ग्लोबल डेब्यू (मई में होने वाला) से पहले ही इसका पूरा लुक देखने को मिल गया है. ये कॉम्पैक्ट इलेक्ट्रिक हैचबैक सीधे 2023 में पेश किए गए ID.2all कॉन्सेप्ट पर बेस्ड है, जिसने फॉक्सवैगन की किफायती इलेक्ट्रिक कारों की योजना की झलक दिखाई थी.इससे पहले 2025 के म्यूनिख मोटर शो में इसके प्रोटोटाइप मॉडल को भारी कवर के साथ देखा गया था, लेकिन अब सामने आई नई तस्वीरों में इस कार का लगभग फाइनल डिजाइन बिना किसी कवर के नजर आ रहा है.

    एक्सटीरियर का डिजाइन

    एक्सटीरियर डिज़ाइन में कॉन्सेप्ट की कई खूबियां बरकरार रखी गई हैं, जिनमें फ्रंट सेक्शन के दोनों ओर पतली LED हेडलाइट्स और रोशन VW राउंडेल शामिल हैं. बम्पर के ग्रिल एरिया और बाहरी रियर-व्यू मिरर के आकार में मामूली बदलाव किए गए हैं, जो अब ज़्यादा शानदार दिखते हैं. एयरोडायनामिक्स को ध्यान में रखते हुए, पिछले दरवाज़ों के हैंडल C-पिलर्स पर ही लगे हुए हैं.

    13 इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आईडी पोलो की लंबाई 4,053 मिमी, चौड़ाई 1,816 मिमी, ऊंचाई 1,530 मिमी और व्हीलबेस 2,600 मिमी है, जो 2022 में बंद किए गए सब-4-मीटर इंडिया-स्पेसिफिक पोलो से ज्यादा है.इसमें हनीकॉम्ब फ्रंट ग्रिल, वर्टिकल डे-टाइम रनिंग लैंप, लाल एक्सेंट स्ट्रिप और जीटीआई बैज से होती है. केबिन के अंदर 10.25 इंच का डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले और 13 इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम दिया गया है.

    स्टीयरिंग व्हील कंट्रोल्स शामिल हैं

    फॉक्सवैगन अपनी ‘प्योर पॉजिटिव’ फिलॉसफी के तहत फिजिकल कंट्रोल्स पर जोर देती है. इसमें सेंटर-कंसोल पर रोटरी डायल और असिस्टेंस सिस्टम के लिए स्टीयरिंग व्हील कंट्रोल्स शामिल हैं. रेट्रो डिस्प्ले थीम एमके1 गोल्फ जैसी क्लासिक कारों की याद दिलाती हैं.जनवरी में फॉक्सवैगन ने लगभग प्रोडक्शन के लिए तैयार पोलो ईवी के इंटीरियर का खुलासा किया था. इसमें 10.25 इंच का डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले और 13 इंच का टचस्क्रीन दिया गया है. इसमें गोल्फ एमके1 से प्रेरित रेट्रो मोड शामिल है, जिसमें एनालॉग स्टाइल इंस्ट्रूमेंट डिस्प्ले और टचस्क्रीन पर टेप डेक स्टाइल एनिमेशन है.

    फ्रंट-व्हील ड्राइव से लैस

    ये कार MEB+ प्लेटफॉर्म और फ्रंट-व्हील ड्राइव से लैस होती है. इसमें 38kWh और 56kWh बैटरी ऑप्शन मिलता हैं, जिनमें से 56kWh बैटरी 451km तक की रेंज और 435 लीटर का बूट स्पेस मिलता है. DC फास्ट चार्जिंग की अधिकतम क्षमता 125kW है, जबकि GTI वेरिएंट की पावर बढ़कर 226hp हो जाती है.